दियारा क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त रुख वैशाली पुलिस अधीक्षक द्वारा रुस्तमपुर, जुड़ावनपुर व राघोपुर थानों का औचक निरीक्षण,

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दियारा क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त रुख


वैशाली पुलिस अधीक्षक द्वारा रुस्तमपुर, जुड़ावनपुर व राघोपुर थानों का औचक निरीक्षण

वैशाली |

जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वैशाली पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा आज दियारा क्षेत्र अंतर्गत स्थित रुस्तमपुर, जुड़ावनपुर एवं राघोपुर थाना का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण को पुलिस प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




थाना अभिलेखों की गहन समीक्षा

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय ने संबंधित थानों के थाना अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया। इसमें लंबित एवं निष्पादित कांडों की स्थिति, अनुसंधान की प्रगति, चार्जशीट दाखिल करने की स्थिति, वारंट निष्पादन, कुर्की-जप्ती की कार्रवाई सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांडों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें।


अपराध नियंत्रण की प्रगति पर विशेष चर्चा

निरीक्षण के क्रम में अपराध नियंत्रण की वर्तमान स्थिति और उसमें सुधार की संभावनाओं पर भी गंभीर मंथन किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दियारा क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील है, जहां अपराधियों को छिपने और अवैध गतिविधियां संचालित करने में सुविधा मिलती है। ऐसे में पुलिस को और अधिक सतर्क एवं सक्रिय रहने की आवश्यकता है।

उन्होंने निर्देश दिया कि—

  • नियमित गश्ती को और प्रभावी बनाया जाए

  • संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए

  • अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जाए

  • क्षेत्र में आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जाए


कांडों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के निर्देश

पुलिस अधीक्षक महोदय ने सभी थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर कांड का निष्पादन निष्पक्ष, पारदर्शी एवं साक्ष्य-आधारित तरीके से किया जाए। अनुसंधान में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक मजबूत अनुसंधान ही न्यायालय में दोषियों को सजा दिलाने में सहायक होता है। इसलिए केस डायरी अद्यतन रखने, गवाहों के बयान समय पर दर्ज करने और तकनीकी साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया।


अपराधियों और तस्करों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अपराधियों, संगठित गिरोहों और तस्करों के विरुद्ध सख्त एवं सतत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब अपराधियों में पुलिस का भय हो।

विशेष रूप से—

  • कुख्यात अपराधियों की सूची तैयार करने

  • उनके विरुद्ध नियमित निगरानी रखने

  • जमानत पर छूटे अपराधियों पर नजर रखने

  • दोबारा अपराध में संलिप्त पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने

के निर्देश दिए गए।


दियारा क्षेत्र में अवैध शराब पर पूर्ण अंकुश का आदेश

निरीक्षण का एक प्रमुख बिंदु दियारा क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण एवं तस्करी पर पूर्णतः अंकुश लगाना रहा। पुलिस अधीक्षक महोदय ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध शराब सामाजिक बुराई के साथ-साथ कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती है

उन्होंने निर्देश दिया कि—

  • अवैध शराब भट्ठियों की पहचान कर उन्हें तत्काल ध्वस्त किया जाए

  • शराब निर्माण एवं तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए

  • इस संबंध में निरंतर विशेष अभियान चलाया जाए

  • नदी किनारे एवं दियारा क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए

पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।


विधि-व्यवस्था संधारण पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में विधि-व्यवस्था संधारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। आगामी त्योहारों, सामाजिक कार्यक्रमों एवं संवेदनशील स्थानों को ध्यान में रखते हुए पुलिस को पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि—

  • किसी भी अफवाह पर तुरंत नियंत्रण किया जाए

  • सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखी जाए

  • शांति समिति के सदस्यों से नियमित संवाद बनाए रखा जाए

ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।


रुस्तमपुर थाना के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण

निरीक्षण के अंतिम चरण में पुलिस अधीक्षक महोदय ने रुस्तमपुर थाना के निर्माणाधीन भवन का भी जायजा लिया। इस दौरान निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा की समीक्षा की गई।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि—

  • निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो

  • कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए

  • निर्माण सामग्री की नियमित जांच की जाए

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आधुनिक और सुव्यवस्थित थाना भवन पुलिसकर्मियों के कार्य वातावरण को बेहतर बनाता है और आम जनता को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराता है।


पुलिसकर्मियों को अनुशासन और जनसेवा का संदेश

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय ने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अनुशासन, ईमानदारी और जनसेवा के मूल मंत्र को आत्मसात करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास ही कानून-व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने अपेक्षा जताई कि सभी थानाध्यक्ष अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करेंगे तथा जिले को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।


निरीक्षण से पुलिस महकमे में बढ़ा उत्साह

पुलिस अधीक्षक के इस औचक निरीक्षण से न केवल पुलिस महकमे में अनुशासन और सक्रियता का संदेश गया, बल्कि आम जनता में भी यह विश्वास मजबूत हुआ कि प्रशासन अपराध और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध पूरी तरह गंभीर है।

दियारा क्षेत्र जैसे संवेदनशील इलाकों में इस प्रकार के नियमित निरीक्षण से निश्चित रूप से अपराध नियंत्रण, अवैध शराब पर रोक और विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।


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