वैशाली पुलिस द्वारा NDPS एक्ट पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन
विशेष लोक अभियोजक श्री सुमित कुमार ने दी विस्तृत कानूनी जानकारी
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में SI रैंक के पदाधिकारियों को दी गई विशेष कानूनी जानकारी
वैशाली, 08 मार्च 2026।
जिले में नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज दिनांक 08 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक वैशाली के मार्गदर्शन में कार्यालय स्थित सभाकक्ष में NDPS एक्ट से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न थानों एवं इकाइयों में पदस्थापित SI रैंक के पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस पदाधिकारियों को NDPS अधिनियम की कानूनी प्रक्रियाओं, प्रावधानों और जांच की बारीकियों से अवगत कराना था, ताकि नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन किया जा सके और अभियुक्तों के विरुद्ध सशक्त एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रशिक्षण जरूरी
आज के समय में नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। युवाओं को नशे के जाल से बचाने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई का कानूनी रूप से मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से वैशाली पुलिस द्वारा यह विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया, ताकि पुलिस पदाधिकारी NDPS मामलों में सही प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करें और अदालत में मामलों की मजबूती बनी रहे।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार इस प्रशिक्षण में NDPS से जुड़े मामलों में सर्च, सीज़र, केस दर्ज करने और जांच की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।
विशेष लोक अभियोजक ने दी विस्तृत कानूनी जानकारी
इस प्रशिक्षण सत्र में NDPS कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक श्री सुमित कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल पुलिस पदाधिकारियों को NDPS अधिनियम के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि NDPS मामलों में जांच की प्रत्येक प्रक्रिया का कानूनी रूप से सही होना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि छोटी सी भी त्रुटि अदालत में मामले को कमजोर कर सकती है।
इस दौरान उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को कई व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह भी समझाया कि किस प्रकार NDPS मामलों की जांच करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और किन-किन बिंदुओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
सर्च और सीज़र की प्रक्रिया पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्र के दौरान पुलिस पदाधिकारियों को NDPS अधिनियम के अंतर्गत सर्च और सीज़र (तलाशी एवं जब्ती) की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।
उन्हें बताया गया कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या स्थान की तलाशी लेते समय कानून द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। तलाशी के दौरान गवाहों की उपस्थिति, जब्ती सूची तैयार करना और सभी प्रक्रियाओं का सही दस्तावेजीकरण बेहद महत्वपूर्ण होता है।
साथ ही यह भी बताया गया कि बरामद किए गए नशीले पदार्थों को किस प्रकार सुरक्षित रखा जाए और अदालत में प्रस्तुत करने तक उसकी चेन ऑफ कस्टडी को कैसे बनाए रखा जाए।
प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान NDPS मामलों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
पुलिस पदाधिकारियों को बताया गया कि NDPS से संबंधित मामलों में FIR दर्ज करते समय घटना का पूरा विवरण, बरामदगी की स्थिति, गवाहों की जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट रूप से दर्ज करना आवश्यक है।
इससे केस की जांच मजबूत होती है और न्यायालय में अभियोजन पक्ष को मामले को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में मदद मिलती है।
धारा 105 BNSS के तहत वीडियोग्राफी का महत्व
प्रशिक्षण सत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान वीडियोग्राफी करने के प्रावधान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि वीडियोग्राफी से जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ती है और अदालत में साक्ष्य के रूप में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां संभव हो वहां तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान वीडियोग्राफी अवश्य कराई जाए, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद या आरोप से बचा जा सके।
धारा 107 BNSS के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई
प्रशिक्षण के दौरान धारा 107 BNSS के अंतर्गत अपराध से अर्जित संपत्ति के संबंध में प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
पुलिस पदाधिकारियों को बताया गया कि यदि किसी अभियुक्त द्वारा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से संपत्ति अर्जित की गई है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस प्रकार की कार्रवाई से न सिर्फ अपराधियों पर आर्थिक दबाव बनता है बल्कि नशे के कारोबार को भी प्रभावी रूप से रोकने में मदद मिलती है।
PIT NDPS के प्रावधानों की जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में PIT NDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस पदाधिकारियों को बताया गया कि इस कानून के तहत नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई (Preventive Detention) भी की जा सकती है।
यह प्रावधान उन मामलों में बेहद प्रभावी साबित होता है जहां आरोपी लगातार नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाते हैं।
कानून की बारीकियों से कराया गया अवगत
प्रशिक्षण के दौरान कानून की विभिन्न बारीकियों से पुलिस पदाधिकारियों को अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि NDPS मामलों में प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन करना बेहद आवश्यक है, क्योंकि छोटी सी तकनीकी गलती भी अदालत में केस को प्रभावित कर सकती है।
पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे जांच के दौरान सभी दस्तावेजों को सही ढंग से तैयार करें और साक्ष्यों को सुरक्षित रखें, ताकि न्यायालय में अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत रह सके।
वैशाली पुलिस का नशे के खिलाफ लगातार अभियान
वैशाली पुलिस लगातार जिले में नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। अवैध शराब, गांजा, हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षित कर उनकी क्षमता को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर सकें।
समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस और आम जनता दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि नशे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाए।
वैशाली पुलिस का यह प्रयास है कि जिले में नशे के कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए और युवाओं को इस खतरे से बचाया जा सके।
