भीषण ठंड में मानवता की मिसाल बने अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह, जरूरतमंदों के बीच किया कंबल वितरण पत्नी खुशबू सिंह की सक्रिय भागीदारी,

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भीषण ठंड में मानवता की मिसाल बने अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह, जरूरतमंदों के बीच किया कंबल वितरण



सामाजिक सरोकारों के तहत महुआ प्रखंड के जहांगीरपुर सलखंनी गांव में हुआ सेवा कार्य, ग्रामीणों ने की भूरी-भूरी प्रशंसा






हाजीपुर/महुआ (वैशाली)।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में इन दिनों भीषण ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। तापमान में लगातार गिरावट के कारण आम लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। खासकर गरीब, असहाय, बुजुर्ग, दिव्यांग और दैनिक मजदूरी पर निर्भर लोगों के लिए यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं है। ऐसे कठिन समय में जब ठंड से बचाव के साधन जुटा पाना कई परिवारों के लिए मुश्किल हो जाता है, तब समाज के संवेदनशील और जिम्मेदार लोगों द्वारा किए गए सेवा कार्य किसी संजीवनी की तरह राहत पहुंचाते हैं।

इसी क्रम में व्यवहार न्यायालय, हाजीपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह उर्फ मोहन सिंह ने मानवता और सामाजिक दायित्व की मिसाल पेश करते हुए महुआ प्रखंड के जहांगीरपुर सलखंनी गांव में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया। इस सेवा कार्य में उनकी पत्नी खुशबू सिंह भी सक्रिय रूप से सहभागी रहीं।


ठंड और शीतलहर से जूझता जनजीवन

पिछले कुछ दिनों से वैशाली जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रात और सुबह के समय ठंड अत्यधिक हो जाती है, जिससे खुले आसमान के नीचे रहने वाले, कच्चे घरों में निवास करने वाले और वृद्ध लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ जाती हैं। ठंड से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी ऐसे मौसम में बढ़ जाता है।

ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनके पास पर्याप्त गर्म कपड़े या कंबल उपलब्ध नहीं हैं। आर्थिक तंगी के कारण वे ठंड से बचाव के लिए जरूरी संसाधन नहीं जुटा पाते। ऐसे में समाज के सक्षम वर्ग द्वारा आगे बढ़कर मदद करना न केवल एक मानवीय कर्तव्य है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।


सामाजिक सरोकारों की मिसाल बने अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह

वरिष्ठ अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। न्यायालय में अपने पेशेवर दायित्वों के साथ-साथ वे समाज के कमजोर और वंचित वर्ग के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ठंड के इस कठिन दौर में उन्होंने अपने पैतृक गांव जहांगीरपुर सलखंनी को सेवा कार्य के लिए चुना, ताकि सीधे उन लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

कंबल वितरण कार्यक्रम पूरी सादगी और सम्मान के साथ आयोजित किया गया। अधिवक्ता दंपति ने स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जरूरतमंदों को कंबल प्रदान किए और उनके हालात की जानकारी ली।


कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन

महुआ प्रखंड के जहांगीरपुर सलखंनी गांव में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान गांव के गरीब, असहाय, बुजुर्ग, विधवा महिलाएं और ठंड से सबसे अधिक प्रभावित लोग मौजूद रहे। अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह और उनकी पत्नी खुशबू सिंह ने सभी जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक कंबल प्रदान किए।

कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार का दिखावा नहीं था, बल्कि पूरी पहल सेवा भावना और मानवीय संवेदना से ओतप्रोत रही। दंपति ने न केवल कंबल वितरित किए, बल्कि लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।


ग्रामीणों को मिली ठंड से राहत

कंबल पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर राहत और संतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कई बुजुर्गों ने बताया कि कड़ाके की ठंड में रात काटना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। कंबल मिलने से उन्हें ठंड से बचाव में काफी मदद मिलेगी।

महिलाओं और वृद्धजनों ने अधिवक्ता दंपति को आशीर्वाद दिया और उनके इस प्रयास को ईश्वर का प्रसाद बताया। ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह के सेवा कार्य न केवल शारीरिक राहत देते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी लोगों को संबल प्रदान करते हैं।


“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” – अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह

कंबल वितरण के दौरान अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह ने कहा—

“समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। जब हमारे आसपास लोग ठंड से परेशान हों, तो यह हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि हम अपनी क्षमता के अनुसार उनकी मदद करें।”

उन्होंने आगे कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है, जब हर व्यक्ति दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझे। ठंड के इस कठिन समय में अगर किसी जरूरतमंद को थोड़ी भी राहत मिलती है, तो वही इस सेवा कार्य की सबसे बड़ी सफलता है।


पत्नी खुशबू सिंह की सक्रिय भागीदारी

इस सामाजिक पहल में अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह की पत्नी खुशबू सिंह की भूमिका भी सराहनीय रही। उन्होंने पूरे कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और महिलाओं तथा बुजुर्गों से विशेष संवाद किया। उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम और भी संवेदनशील व मानवीय बन गया।

खुशबू सिंह ने कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी से सामाजिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। जरूरतमंदों की मदद करना हम सभी का साझा दायित्व है।


ग्रामीणों ने बताया प्रेरणादायक कदम

जहांगीरपुर सलखंनी गांव के ग्रामीणों ने अधिवक्ता दंपति के इस प्रयास को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। ग्रामीणों का कहना था कि आज के समय में जब लोग अपने निजी हितों में ही सीमित होते जा रहे हैं, ऐसे में इस तरह के सामाजिक कार्य समाज को नई दिशा देते हैं।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह की इस पहल से प्रेरणा लेकर अन्य सक्षम लोग भी आगे आएंगे और जरूरतमंदों की मदद के लिए हाथ बढ़ाएंगे।


सामाजिक कार्यों में पूर्व से सक्रिय भूमिका

स्थानीय लोगों के अनुसार अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह इससे पहले भी कई सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। गरीबों की मदद, सामाजिक आयोजनों में सहयोग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना उनकी पहचान रही है।

उनका मानना है कि समाज में बदलाव केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पहल और सामूहिक प्रयासों से भी आता है। यही सोच उन्हें बार-बार समाज सेवा की ओर प्रेरित करती है।


समाज के लिए सकारात्मक संदेश

इस कंबल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश मिला कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ी राहत दे सकते हैं। यदि समाज का हर सक्षम व्यक्ति ठंड, गर्मी या किसी आपदा के समय जरूरतमंदों के लिए आगे आए, तो कई जिंदगियों को कठिन परिस्थितियों से बचाया जा सकता है।

यह पहल न केवल तत्काल राहत का माध्यम बनी, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की भावना को भी मजबूत करने में सहायक सिद्ध हुई।



कुल मिलाकर, वरिष्ठ अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह उर्फ मोहन सिंह और उनकी पत्नी खुशबू सिंह द्वारा किया गया यह कंबल वितरण कार्यक्रम न सिर्फ जरूरतमंदों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और मानवता का मजबूत संदेश भी देने में सफल रहा।

ऐसे प्रयास यह साबित करते हैं कि यदि समाज के जिम्मेदार लोग आगे आएं, तो कठिन से कठिन समय में भी मानवता की लौ जलती रह सकती है। निश्चित रूप से यह पहल अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बनेगी और समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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