जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने फार्मर रजिस्ट्री प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी
किसानों को डिजिटल पहचान से जोड़ने की दिशा में वैशाली में ऐतिहासिक पहल
वैशाली जिले में किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला पदाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह ने सोमवार को समाहरणालय परिसर, हाजीपुर से “फार्मर रजिस्ट्री – किसान की डिजिटल पहचान” अभियान के अंतर्गत संचालित फार्मर रजिस्ट्री प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के वरीय पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कृषि विभाग द्वारा व्यापक प्रचार अभियान की शुरुआत
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के संयुक्त प्रयास से फार्मर रजिस्ट्री अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह प्रचार रथ रवाना किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रचार रथ के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के महत्व, प्रक्रिया एवं लाभों की जानकारी दी जाएगी।
तीन अनुमंडलों के लिए अलग-अलग प्रचार रथ
जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि महुआ, महनार एवं हाजीपुर अनुमंडलों के लिए अलग-अलग फार्मर रजिस्ट्री प्रचार रथ भेजे जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रथम चरण में ही अधिक से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी तैयार कर उन्हें डिजिटल पहचान से जोड़ा जा सके।
दो चरणों में आयोजित होंगे फार्मर रजिस्ट्री शिविर
फार्मर रजिस्ट्री अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए इसे दो चरणों में संचालित किया जा रहा है—
🔹 प्रथम चरण
दिनांक : 06 जनवरी से 09 जनवरी 2026
🔹 द्वितीय चरण
दिनांक : 18 जनवरी से 21 जनवरी 2026
इन दोनों चरणों में पंचायतवार शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान कैंप मोड में अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवा सकें।
कैंप मोड में कार्य करने के सख्त निर्देश
जिला पदाधिकारी वैशाली ने कृषि विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि वे कैंप मोड में कार्य करते हुए सभी पात्र किसानों का e-KYC सत्यापन सुनिश्चित करें और उनकी फार्मर रजिस्ट्री आईडी समयबद्ध रूप से तैयार करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंचायत स्तर पर होंगे शिविर, सभी कर्मी रहेंगे मौजूद
फार्मर रजिस्ट्री अभियान के अंतर्गत पंचायत सरकार भवनों एवं अन्य सरकारी भवनों में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में—
कृषि समन्वयक
किसान सलाहकार
राजस्व कर्मचारी
की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, ताकि किसानों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
किसानों से विशेष अपील
जिला प्रशासन द्वारा सभी किसान भाई-बहनों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ स्वयं उपस्थित होकर शिविरों के माध्यम से अपनी फार्मर रजिस्ट्री अवश्य बनवाएं। यह पहल किसानों के भविष्य को सुरक्षित और योजनाओं को पारदर्शी बनाने की दिशा में अत्यंत आवश्यक है।
फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को होंगे कई बड़े लाभ
फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे, जिनमें प्रमुख हैं—
✅ विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा एवं पारदर्शी लाभ
✅ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कृषि उत्पादों की बिक्री में सुविधा
✅ फसल क्षति की स्थिति में वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा
✅ पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का निर्बाध लाभ
✅ डिजिटल पहचान के माध्यम से योजनाओं में नामांकन में सरलता
एग्री स्टैक परियोजना का महत्वपूर्ण घटक है फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री, केंद्र सरकार की एग्री स्टैक परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य कृषि सेवाओं को आधुनिक, सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। इसके अंतर्गत—
प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी तैयार की जाती है
भूमि संबंधी विवरण एवं आधार संख्या को डिजिटल रूप से जोड़ा जाता है
बिहार भूमि डेटाबेस के समेकन के माध्यम से सटीक जानकारी तैयार की जाती है
समान नाम वाले किसानों की समस्या का डिजिटल समाधान
राज्य स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री निर्माण के दौरान प्रत्येक राजस्व ग्राम में समान नाम एवं पिता के नाम वाले किसानों की जमाबंदी का ऑनलाइन बकेट तैयार किया गया है। इससे सही किसान की पहचान सुनिश्चित होती है और योजनाओं के लाभ में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं होती।
पीएम-किसान लाभुकों के लिए e-KYC अनिवार्य
पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों को आगामी किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिए—
फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल/एप के माध्यम से
बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा
e-KYC सत्यापन एवं भूमि दावा करना अनिवार्य होगा
फार्मर रजिस्ट्री हेतु आवश्यक दस्तावेज
फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है—
आधार कार्ड
भूमि से संबंधित दस्तावेज (स्वयं के नाम से जमाबंदी)
मोबाइल नंबर
फार्मर रजिस्ट्री बनाने की पूरी प्रक्रिया
फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और चरणबद्ध है—
किसान स्वयं उपस्थित होकर दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे
कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार द्वारा e-KYC की प्रक्रिया पूरी की जाएगी
हल्का कर्मचारी द्वारा भूमि दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा
सत्यापन के बाद e-Signing प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी
अंततः किसान की फार्मर आईडी तैयार की जाएगी
पीएम-किसान के अलावा अन्य किसान भी पात्र
पीएम-किसान योजना के लाभुकों के अतिरिक्त ऐसे सभी किसान, जिनके नाम से स्वयं की जमाबंदी है, वे भी फार्मर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं।
वैशाली जिले में फार्मर रजिस्ट्री की वर्तमान स्थिति
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार—
🔹 पीएम-किसान योजना के कुल लाभुक : 1,95,228
🔹 e-KYC पूर्ण लाभुक : 65,298
🔹 सत्यापित e-KYC : 57,000+
🔹 कुल फार्मर रजिस्ट्री तैयार : 20,318
🔹 इनमें पीएम-किसान लाभुक : 10,546
शेष लाभुकों का कार्य तेजी से प्रगति पर है।
निष्कर्ष
फार्मर रजिस्ट्री अभियान वैशाली जिले के किसानों के लिए एक नई डिजिटल क्रांति की शुरुआत है। यह पहल न केवल किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायक होगी, बल्कि कृषि व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त एवं आधुनिक बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगी। जिला प्रशासन का यह प्रयास निश्चित रूप से किसानों के भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
