हाजीपुर में “शौर्य संवाद” कार्यक्रम का भव्य आयोजन
पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के सम्मान, संवाद और कल्याण के लिए ऐतिहासिक पहल
हाजीपुर में सैनिक सम्मान का अनूठा आयोजन
हाजीपुर के बीका ऑडिटोरियम में 25 जून 2026 को पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के सम्मान, संवाद और कल्याण के उद्देश्य से “शौर्य संवाद” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। बिहार रेजिमेंटल सेंटर, बिहार रेजिमेंट रिकॉर्ड कार्यालय दानापुर, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय वैशाली तथा मुख्यालय जे एंड बी सब एरिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 300 से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा उनके परिजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मान प्रदान करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं के समाधान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ किया गया। इस अवसर पर हाजीपुर विधायक श्री अवधेश सिंह, राज्य सैनिक कल्याण निदेशालय बिहार के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेंद्र कुमार, बिहार रेजिमेंट रिकॉर्ड कार्यालय के मुख्य अभिलेख अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल एस. मोहंती, बिहार रेजिमेंटल सेंटर के उपसमादेश्टा कर्नल विजय कुमार, जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल एस.के. त्रिपाठी (सेवानिवृत्त), मेजर सर्वेश कुमार त्रिपाठी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
देशभक्ति के माहौल में आयोजित इस कार्यक्रम ने शुरुआत से ही उपस्थित लोगों के मन में गर्व और सम्मान की भावना का संचार किया। मंच पर मौजूद सैन्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
80 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को मिली विशेष अनुग्रह राशि
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और आकर्षक पहलू बिहार में पहली बार लागू की गई एक विशेष सम्मान योजना रही। इसके अंतर्गत वैशाली जिले के 80 वर्ष से अधिक आयु के 31 पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों/विधवाओं को ₹24,000 वार्षिक अनुग्रह राशि प्रदान की गई।
यह पहल राज्य स्तर पर अपने प्रकार की पहली योजना मानी जा रही है। जैसे ही लाभार्थियों को सम्मानपूर्वक यह राशि प्रदान की गई, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने इस कदम को पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के प्रति सरकार और सेना के संवेदनशील दृष्टिकोण का प्रतीक बताया।
कई पूर्व सैनिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि उनके जीवनभर के योगदान का सम्मान है। वीर नारियों ने भी इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज और सरकार का यह सम्मान उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
सैनिकों के त्याग को राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता : अवधेश सिंह
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हाजीपुर विधायक श्री अवधेश सिंह ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने हमेशा देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र अपने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के त्याग, पराक्रम और समर्पण का सदैव ऋणी रहेगा।
उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के कारण ही देश के नागरिक सुरक्षित जीवन व्यतीत कर पाते हैं। इसलिए समाज और सरकार का यह कर्तव्य है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान तथा सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
विधायक ने आश्वस्त किया कि पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि और समाज हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा।
समस्याओं के समाधान के लिए लगाया गया विशेष शिविर
कार्यक्रम के दौरान बिहार रेजिमेंट रिकॉर्ड कार्यालय द्वारा पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में उपस्थित पूर्व सैनिकों ने अपनी पेंशन, सेवा अभिलेख, पारिवारिक लाभ, चिकित्सा सुविधाओं तथा अन्य प्रशासनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि शेष मामलों के त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया गया। इससे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को काफी राहत मिली।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों और प्रशासन के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सके।
सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सैनिक कल्याण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को पेंशन योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, छात्रवृत्ति, पुनर्वास कार्यक्रमों, आर्थिक सहायता योजनाओं तथा अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
विशेषज्ञों ने बताया कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लाभार्थी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन आवश्यक है, जिससे सभी लाभार्थियों तक योजनाओं की सही जानकारी पहुंच सके।
विधिक सहायता और प्रशासनिक सहयोग भी मिला
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्यों ने भी भाग लिया। उन्होंने पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को विभिन्न कानूनी विषयों पर निःशुल्क विधिक सलाह प्रदान की।
भूमि विवाद, पारिवारिक मामलों, सरकारी दस्तावेजों तथा अन्य कानूनी समस्याओं से जुड़े मामलों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। इसके अलावा भूमि सुधार विभाग और पुलिस विभाग से जुड़े आवेदनों को भी स्वीकार किया गया।
इस पहल से पूर्व सैनिकों को एक ही मंच पर कई विभागों की सेवाएं उपलब्ध हो सकीं, जिससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
बिहार रेजिमेंट बैंड ने बांधा समां
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण बिहार रेजिमेंट बैंड का शानदार प्रदर्शन रहा। बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को राष्ट्रप्रेम और गौरव की भावना से भर दिया।
सैनिक धुनों और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। कई पूर्व सैनिकों ने अपने सैन्य जीवन की यादों को ताजा किया और कार्यक्रम में मौजूद युवा पीढ़ी ने भी सैन्य परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
बैंड के प्रदर्शन ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की और उपस्थित लोगों ने लंबे समय तक तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
पूर्व सैनिक संघ ने जताया आभार
इस अवसर पर वैशाली जिला पूर्व सैनिक संघ के महासचिव श्री सुमन कुमार एवं संगठन सचिव श्री राजकुमार ने पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के हित में किए जा रहे प्रयासों के लिए बिहार सरकार, रक्षा मंत्रालय, बिहार रेजिमेंटल सेंटर, बिहार रेजिमेंट रिकॉर्ड कार्यालय तथा जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम पूर्व सैनिकों को सम्मान देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रभावी मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
ब्रिगेडियर आर.के. बोरा की परिकल्पना बनी सफलता की आधारशिला
कार्यक्रम की मूल परिकल्पना बिहार रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर आर.के. बोरा की थी। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से “शौर्य संवाद” कार्यक्रम को एक प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया गया, जहां पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मान, संवाद और कल्याण से जुड़ी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हो सकीं।
उनकी सोच का उद्देश्य केवल सम्मान समारोह आयोजित करना नहीं था, बल्कि पूर्व सैनिकों और प्रशासन के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित करना भी था। यही कारण है कि कार्यक्रम को सभी प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी और सफल बताया।
सफल संचालन में अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरे कार्यक्रम के सफल आयोजन, समन्वय और व्यवस्थापन में मेजर एस.के. त्रिपाठी, मेजर प्रशांत भारद्वाज तथा कैप्टन अमित राणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम की प्रत्येक व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
कार्यक्रम के अंत में जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल एस.के. त्रिपाठी (सेवानिवृत्त) ने सभी अतिथियों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, अधिकारियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
सम्मान, संवाद और कल्याण का सशक्त मंच बना “शौर्य संवाद”
“शौर्य संवाद” केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सैनिक सम्मान और कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि देश अपने सैनिकों और उनके परिवारों के योगदान को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान, सरकारी योजनाओं की जानकारी, विधिक सहायता, प्रशासनिक सहयोग और सम्मान समारोह जैसी अनेक गतिविधियों ने इस कार्यक्रम को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम ने प्रशासन, सेना और समाज के बीच समन्वय को और मजबूत किया तथा भविष्य में सैनिक कल्याण की दिशा में नए आयाम स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया।
हाजीपुर में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के सम्मान का प्रतीक बनकर लंबे समय तक याद किया जाएगा।


