जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, वैशाली की संयुक्त अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक संपन्न,

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जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, वैशाली की संयुक्त अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक संपन्न

सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने पर विशेष जोर,






सरस्वती पूजा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क

जिले में दिनांक 23 जनवरी को मनाई जाने वाली सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला समाहरणालय, हाजीपुर स्थित पुष्करणी सभागार में जिला शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक, वैशाली श्री विक्रम सिहाग ने की।

बैठक का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना तथा पूजा आयोजन एवं विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना रहा।


जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों की व्यापक सहभागिता

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यालय स्तर के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि निर्देश जिले के हर कोने तक एक साथ और स्पष्ट रूप से पहुँच सकें।

प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि सरस्वती पूजा जैसे छात्र-युवा केंद्रित पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।


जिलाधिकारी का स्पष्ट संदेश: शांति और अनुशासन सर्वोपरि

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने कहा कि सरस्वती पूजा जिले में परंपरागत रूप से श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाती है, और इसे पूर्ण शांति एवं अनुशासन के साथ संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पूजा आयोजन एवं विसर्जन को लेकर कुल 454 स्थानों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि हर संवेदनशील स्थान पर प्रशासन की सीधी निगरानी बनी रहे।


लाइसेंस अनिवार्य: जवाबदेही तय करने की पहल

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुरूप जहाँ भी सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाएगा, वहाँ प्रतिमा स्थापना, विसर्जन एवं जुलूस के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

उन्होंने बताया कि लाइसेंस में 15 से 20 वॉलंटियरों के नाम दर्ज किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या घटना की स्थिति में जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की जा सके। साथ ही विसर्जन एवं जुलूस का रूट और समय पूर्व से निर्धारित रहेगा और उसी का कड़ाई से पालन करना होगा।


पूजा समितियों से संवाद: संभावित समस्याओं पर मंथन

बैठक के दौरान पूजा समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों से सरस्वती पूजा के आयोजन में आने वाली संभावित समस्याओं की जानकारी ली गई। इन समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रशासन ने समाधानात्मक सुझाव भी दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पूजा आयोजन का उद्देश्य भक्ति और विद्या की आराधना है, न कि प्रदर्शन या अव्यवस्था। सभी आयोजकों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करना होगा।


डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, सख्त कार्रवाई के निर्देश

बैठक में डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध को दोहराया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक 10 से 12 डीजे जब्त किए जा चुके हैं और यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अश्लील गाने, भड़काऊ नारे या ऐसे वक्तव्य, जिनसे किसी जाति, वर्ग या धर्म की भावना आहत होती हो, किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों एवं आयोजकों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान

बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया गया कि एसडीआरएफ की टीम द्वारा सभी आवश्यक तैयारियाँ समय से पूरी की जाएँ। विशेष रूप से—

  • सभी नदी घाटों पर बैरिकेडिंग

  • पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती

  • प्रशिक्षित गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति

  • ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी

सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।


छात्रों से जुड़ा पर्व: समाज की जिम्मेदारी भी अहम

सरस्वती पूजा को छात्रों और युवाओं से जुड़ा पर्व बताते हुए जिलाधिकारी ने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे सामाजिक समरसता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के समय विशेष सतर्कता बरती जाए और यदि कहीं भी असामाजिक गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन या पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित

बैठक में जानकारी दी गई कि सरस्वती पूजा के दौरान समाहरणालय स्थित पुष्करणी सभागार में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
इसका दूरभाष संख्या – 06224-260220 है।

नियंत्रण कक्ष में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो वरीय पदाधिकारियों के पर्यवेक्षण में 24 घंटे कार्य करेगा।


सीसीटीवी, वीडियोग्राफी एवं संचार व्यवस्था अनिवार्य

प्रशासन ने निर्देश दिया कि—

  • सभी पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ

  • जुलूस के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाए

  • विसर्जन के समय संचार साधन पूरी तरह सक्रिय रखें जाएँ

इसके साथ ही जिला मुख्यालय में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को पूरी तरह क्रियाशील रखने पर भी विशेष बल दिया गया।


उपस्थित अधिकारीगण

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता, जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

: शांति, सौहार्द और सुरक्षा का साझा संकल्प

जिला शांति समिति की यह बैठक प्रशासन और समाज के बीच समन्वय का सशक्त उदाहरण बनी। स्पष्ट निर्देशों, सख्त नियमों और व्यापक निगरानी व्यवस्था के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि सरस्वती पूजा वैशाली जिले में पूरी श्रद्धा, शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो

जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, जबकि सहयोग और अनुशासन का पालन करने वालों के लिए प्रशासन हर संभव सहायता के लिए तत्पर रहेगा।

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